new rules of icici bank 2026
ICICI Bank ने वर्ष 2026 में अपने ग्राहकों के लिए कुछ नए नियम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सक्षम बनाना है। ये बदलाव खासतौर पर सेविंग अकाउंट, डिजिटल ट्रांजैक्शन, एटीएम उपयोग और चार्ज स्ट्रक्चर से जुड़े हुए हैं। आइए इन नए नियमों को विस्तार से समझते हैं।
सबसे पहले, ICICI Bank ने मिनिमम बैलेंस से जुड़े नियमों में कुछ संशोधन किए हैं। अब ग्राहकों को अपने खाते के प्रकार और शहर के आधार पर अलग-अलग औसत मासिक बैलेंस बनाए रखना होगा। मेट्रो शहरों में यह सीमा अधिक रखी गई है, जबकि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में इसे थोड़ा कम रखा गया है। यदि ग्राहक इस न्यूनतम बैलेंस को बनाए नहीं रख पाते हैं, तो उन पर पहले की तुलना में अधिक पेनल्टी लग सकती है। इस कदम का उद्देश्य ग्राहकों को अधिक अनुशासित बैंकिंग की ओर प्रेरित करना है।
दूसरा महत्वपूर्ण बदलाव डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़ा है। 2026 के नए नियमों के तहत, ICICI Bank ने ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। अब बड़े ट्रांजैक्शन के लिए मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, नए डिवाइस से लॉगिन करने पर अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत होगी। इससे ग्राहकों के खातों को साइबर हमलों से बचाने में मदद मिलेगी।
एटीएम ट्रांजैक्शन के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले जहां ग्राहकों को एक निश्चित संख्या तक फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन मिलते थे, अब उस संख्या में कुछ कटौती की गई है। फ्री लिमिट पार करने के बाद प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही, इंटरबैंक एटीएम ट्रांजैक्शन (दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालना) पर भी अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है। बैंक का कहना है कि इससे एटीएम नेटवर्क का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
इसके अलावा, ICICI Bank ने सर्विस चार्जेस में भी कुछ बदलाव किए हैं। चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट, और कैश डिपॉजिट जैसी सेवाओं पर अब अलग-अलग शुल्क लागू किए गए हैं। खासकर, एक महीने में निर्धारित सीमा से अधिक कैश जमा करने पर अतिरिक्त चार्ज देना होगा। यह कदम डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है, ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का उपयोग करें।
एक और बड़ा बदलाव KYC (Know Your Customer) नियमों से जुड़ा है। 2026 में बैंक ने KYC अपडेट को अनिवार्य कर दिया है। जिन ग्राहकों ने लंबे समय से अपने दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उनके खातों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसलिए ग्राहकों को समय-समय पर अपने आधार, पैन और अन्य जरूरी दस्तावेज अपडेट करते रहना होगा।
डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए ICICI Bank ने अपने मोबाइल ऐप और इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म में भी सुधार किए हैं। अब ग्राहक आसानी से निवेश, बीमा, और लोन सेवाओं का लाभ एक ही प्लेटफॉर्म से उठा सकते हैं। साथ ही, यूपीआई और QR कोड पेमेंट को और अधिक सुविधाजनक बनाया गया है।
अंत में, इन सभी नए नियमों का मुख्य उद्देश्य ग्राहकों को सुरक्षित, तेज और आधुनिक बैंकिंग अनुभव प्रदान करना है। हालांकि कुछ नियम ग्राहकों के लिए थोड़े सख्त लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय में ये बदलाव फायदेमंद साबित होंगे। इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे इन नए नियमों को अच्छी तरह समझें और अपने बैंकिंग व्यवहार में आवश्यक बदलाव करें, ताकि वे अनावश्यक शुल्क और असुविधा से बच सकें।